धूमावती मंत्र साधना प्रयोग

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धूमावती मंत्र साधना प्रयोग

धूमावती मंत्र साधना प्रयोग, क्या आप लोगों ने 10 महाविद्याओं का नाम सुना है तो हम आपको बता दें कि उन 10 महाविद्याओं में से सातवां नाम धूमावती मंत्र साधना का आता है।

जैसा कि हम जानते हैं कि अभी नवरात्रि चल रहा है चैत्र नवरात्रि और धूमावती मंत्र साधना का प्रयोग चैत्र नवरात्रि में ही किया जाता है। धूमावती मंत्र साधना धूमावती माता के लिए किया जाता है यह धूमावती माता बाकी सारी देवियों से अलग होती है।

धूमावती माता ऐसी माता है जो अंधकार तो हद से ज्यादा पसंद करती हैं। हम आपको बता दे आज तक देवी धूमावती को कोई भी हरा नहीं पाया है। अगर आप शक्तिशाली बनना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपको भी जिंदगी में कोई ना हराएं तो आप देवी धूमावती साधना मंत्र का जाप करके बहुत शक्तिशाली बन सकते बिल्कुल धूमावती माता की तरह।

धूमावती मंत्र साधना प्रयोग

धूमावती मंत्र साधना प्रयोग

देवी धूमावती माता स्वभाव से बड़ी उग्र प्रगति की होती हैं इनको चंचला एवं मुक्तकेशी के नाम से भी बुलाया जाता है। धूमावती माता का साधना करने से मंत्र जाप करने से आपको दरिद्रता से, रोग से, शत्रुओं से मुक्ति मिल सकती है। इनका रूप काला होता है। यह माता लक्ष्मी की रिश्ते में बड़ी बहन लगती है यही कारण है कि इनको जेष्ठ लक्ष्मी भी कहा जाता है।

माता धूमावती की साधना मंत्र करना सबके बस की बात नहीं होती है जो धैर्यवान होता है वही इस मंत्र में सफलता प्राप्त कर पाते हैं। हम अन्य देवी माताओं को देखते हैं कि उनका साज श्रृंगार होता है वह लाल रंग के वस्त्र पहनती है मगर माता धूमावती अकेली है , जिनकी पूजा एक विधवा के रूप में की जाती है यह सफेद वस्त्र धारण करती है इनका वाहन कौवा होता है।

धूमावती माता का जो असर होता है वह शुभ होता है इस संसार में जितने भी क्रोधित ऋषि के नाम हम जानते हैं उन सभी ऋषियों की मूल शक्ति यही धूमावती माता थी इनका क्रोध बड़ा भयानक होता है।

इनकी पूजा आराधना अगर चतुर्मास में किया जाए तो यह काफी ज्यादा प्रसन्न होती है और अपने भक्तों को वह सब कुछ प्रदान करती है जिसके वह हकदार होते हैं। मंत्र शक्ति में कितनी ताकत होती है कि यह आपको इतना अमीर बना देगा कि आप पैसा खर्च करते रहेंगे मगर आपकी धनसंपदा हमेशा एक ही रहेगी।

मगर हां जब भी आप इनकी पूजा करें तो बहुत सावधानी से करें आपकी थोड़ी सी भूल आपको सर्वनाश के पथ पर ला सकती है।

यही है माता धूमावती का वह मंत्र जिसको जाप करके अपने जीवन के दारिद्रयपन को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं एवं केतु की दशा से मुक्ति पा सकते हैं हमेशा के लिए। माता पार्वती का ही एक और नाम है धूमावती जो धुंए से उत्पन्न हुई है।

जो लोग अभक्ति से माता धूमावती की साधना करते हैं उन पर माता धूमावती रूष्ट हो जाती है और कल्याण करने के जगह अप-कल्याण कर जाती है। इसलिए अगर मन में श्रद्धा न हो तो भूल से भी माता की मंत्र साधना न करें क्योंकि इससे आपको ही हानि पहुंचेगा।

ऊं धूं धूं धूमावती : :

इस मंत्र की उपासना के माध्यम से केवल फूल के द्वारा देवी की आराधना किजिए। देवी थोड़े से चीज़ों से ही प्रसन्न हो जाती है। इस मंत्र के माध्यम से आप देवी धूमावती का यज्ञ भी कर सकते हैं कुछ इस प्रकार से—

यदि आपके ऊपर ऋणों का बोझ है और आपका यह बोझ कम ही नहीं हो रहा है तो नीम की पत्तियों एवं घी के साथ यज्ञ करने से आपके ऊपर से ऋण का बोझ हट जाएगा।

अगर आपके ऊपर गरीबी की साया काफी सालों से मंडरा रही है तो आप उस साया से बिल्कुल मुक्ति पा सकते हैं माता धूमावती का यज्ञ गुड़ के माध्यम से।

यदि आपके परिवार का कोई सदस्य कारागार में बंदी है तो आप उस सदस्य को कारागार से मुक्त करने के लिए काली मिर्च से हवन कर सकते हैं।

अगर आपके ऊपर कोई संकट मंडरा रहा है तो हम आपको बता दें कि अगर आप मीठी रोटी एवं घी के साथ यज्ञ करेंगे तो आपके ऊपर आने वाला हर संकट दूर हो जाएगा।

धूमावती माता को प्रसन्न करने के सामग्री

आजकल तो लोग फाइबर के बर्तनों का या कांच के बर्तनों का या स्टील के बर्तनों का प्रयोग करते हैं मगर पहले के दिनों में मिट्टी को ही शुद्ध माना जाता था इसलिए माता धूमावती को शुद्ध बर्तनों में ही प्रसाद दें और मिट्टी के बर्तनों से ज्यादा शुद्ध और कुछ नहीं हो सकता है।

आप माता धूमावती को सफेद फूल अर्पित कीजिए, साथ ही सफेद वस्त्र चढ़ाएं माता को क्योंकि धूमावती माता सांज एवं श्रृंगार बिल्कुल भी नहीं करती है।

फल

फलों में आप नारियल, धतूरा, पंचमेवा एवं काजू अर्पित कीजिए।

अगर आपके अनेक शत्रु है और आपके शत्रुओं के कारण आपकी रातों की नींद खराब हो रही है तो माता धूमावती की मंत्र साधना कीजिए।

शत्रु विनाश मंत्र है—

ऊं ह्रीं ह्रीं वज्रपातिनिये स्वाहा

इस मंत्र को आपको रूद्राक्ष की माला से अर्ध- रात्रि में जाप करना होगा।

अगर आप परिणाम जल्दी चाहते हैं तो श्मशान में जाकर सफेद कपड़े बिछाकर उसके ऊपर बैठकर इस शत्रु विनाश मंत्र का जाप करें।  एक बात और जाप करते समय आपका मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए।

अगर आप ऋण मुक्ति के लिए मंत्र उपासना करना चाहते हैं तो उसका मंत्र कुछ इस प्रकार है—

ऊं धूं धूं ह्रीं आं हुं

इस मंत्र को पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर जाप करने से आपको सफलता अवश्य मिलेगी। माता को प्रसन्न करने के लिए एवं ऋणों से मुक्ति पाने के लिए माता को आप खीर का भोग चढ़ाएं एवं सफेद वस्त्र के ऊपर बैठकर मंत्र का जाप उत्तर दिशा की ओर मुख करके जाप करें।

आशा करते हैं कि आपको माता धूमावती की उपासना एवं मंत्र साधना के माध्यम से उन सारी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी जिन परेशानियों को लेकर आप काफी सालों या महीनों से परेशान थे।

योगिनी तंत्र साधना मंत्र