मोहिनी वशीकरण मंत्र साधना

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मोहिनी वशीकरण मंत्र साधना

मोहिनी वशीकरण टोटके/यंत्र, प्यार के लिए मोहिनी मंत्र, तेल मोहिनी साधना/कलुआ मोहिनी साधना/विश्व मोहिनी साधना- भारतीय तंत्र विद्या में मोहिनी वशीकरण मंत्र साधना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है| प्राचीनकाल में बड़े-बड़े साधक इस विद्या में सिद्धि प्राप्त कर इसका उपयोग जन कल्याण हेतु करते थे| पौराणिक ग्रंथो में देवी मोहिनी अद्भुत शक्ति से युक्त अनिर्वाचनीय सौन्दर्य की स्वामिनी महाशक्ति योगमाया हैं| कहते हैं समुद्र मंथन के समय, अमृत बँटवारे के दौरान भगवती योगमाया भगवान विष्णु के शरीर में सूक्ष्म रूप से प्रवेश कर गई थीं, परिणामस्वरूप विष्णु के स्त्री रूप को देखते ही वहाँ उपस्थित समस्त दानव सम्मोहित हो गए थे|साधारणतया मोहिनी वशीकरण मंत्र  साधना का उपयोग मनचाहा प्यार पाने में अथवा पारिवारिक जीवन में मधुरता लाने के लिए किया जाता है, जबकि कुछ साधक ऐसे भी होते हैं जो मात्र सिद्धि के उच्च शिखर पर पहुँचने के लिए यह साधना करते हैं|

मोहिनी वशीकरण मंत्र साधना

मोहिनी वशीकरण मंत्र साधना

नीचे मोहिनी विद्या में वर्णित कुछ प्रसिद्ध टोटके दिये जा रहे हैं, जिनका उपयोग साधारण मनुष्य भी कर सकता है|

मोहिनी वशीकरण टोटके/यंत्र

  • मदार का दूध, विदारी कंद, वट वृक्ष की जटा को चिता भस्म के साथ मिश्रित कर लगभग तीन घंटे तक घोंटने के पास किसी शीशी में सुरक्षित रख लें| इस मिश्रण का तिलक लगाने के उपरांत जिस किसी से नज़र मिलती है वह उसके वश में आ जाता है|
  • अपामार्ग की जड़, हरताल तथा धतूरे की जड़ को स्व वीर्य में घोंटकर 25 ग्राम की मात्रा में किसी स्त्री को पिला दें| वह सम्मोहित हो जाएगी|
  • श्मशान की महानीली की जड़ को कूट लें तथा रुई में मिलाकर बत्ती बना लें| अब चमेली के तेल से दीपक जलाएँ और काजल बनाएँ| इस काजल को लगाने के बाद जिससे दृष्टि मिले वह वशीभूत हो जाता है|
  • हवा में उड़कर आया कोई भी पत्ता, तगर, अर्जुन की छाल और मजीठ समान मात्रा में लें तथा उसे मिश्रित करें| 12 घंटे के बाद जिसे वश में करना हो उसके ठोस अथवा पेय आहार में मिला दें, वह वश में आ जाएगा|

शुभ मुहूर्त में आसन लगाएं तथा बिना हिलेडुले रुद्राक्ष की माला पर निम्नलिखित मंत्र का 11 माला जाप करें –

मोहिनी मोहिनी कहा चली ।

बाहर खुदाई काम कन चली ।

फलानी फलाने को देखै,जरै मरै ।

 मेरे को देखकर पायन पडै ।

 छु मंत्र काया ,आदेश ,गुरु की शक्ती ,

मेरी भक्ति ,फूरो मंत्र ईश्वरो वाचा ॥

जाप के पश्चात सरसो के तेल से हवन में आहुति दें तथा 108 बार इस मंत्र का पाठ करें| पूर्ण आहुति के पश्चात मंत्रोचारण के साथ नींबू की बलि दें, तथा थोड़ा उसी नींबू का थोड़ा सा रस हवन कुंड में निचोड़ दें| इसके पश्चात मंत्र सिद्ध हो जाता है| हवन के समय लाल वस्त्र धारण करें तथा पश्चिम दिशा में मुख कर बैठें| इसके बाद हत्थाजोड़ी, पायजोड़ी, इंद्रजाल, मोहिनीजाल तथा मायाजाल नामक जड़ीबूटी एकत्र करें| इन सभी सामग्रियों को मिश्रित कर चूर्ण बनाकर रख लें| प्रयोग के समय थोड़ा सा चूर्ण लेकर 108 बार इस मंत्र का जाप करें तथा 3 बार फूँक मारें तथा जिसे वश में करना हो उसे किसी आहार में मिलाकर खिला दें| इसे खाने के बाद वह व्यक्ति आपके वश में आ जाएगा| यह साधना सरल है परंतु समस्त सामग्री जुटाना कठिन अवश्य है| परंतु कहते हैं ना ‘जहां चाह वहाँ राह

तेल मोहिनी साधना विधि

नित्य सरसो के तेल का दीपक जलाकर 41 दिनों तक निम्नलिखित मंत्र का दो घंटे तक पाठ करें-

तेल तेल गौरी का खेल

राजा प्रजा कौन्सल

चलके मेरे और मेरे परिवार के

पैरी मेल

मन मोहे तन मोहे मोहे सभी शरीर

मोहे पंजे पीर

जय फूला कम करे खुल्ला

मलंगी तोड़े तंगी

इन 41 दिनों के मध्य कठोर ब्रम्हचर्य का पालन करें| प्रथम दिन तथा अंतिम दिन सात किस्म की मिठाइयाँ किसी भी सुनसान स्थान पर रख दें और लौट जाएँ| वापस लौटते समय पीछे मुड़कर न देखें| 41 दिन के बाद यह मंत्र सिद्ध हो जाता है| इसके बाद, यदि किसी पर इस मंत्र का उपयोग करना हो, तो इस मंत्र का उच्चारण 21 बार करते हुए सरसो के तेल पर फूँक मारें तथा उस तेल से अपने शरीर की मालिश करें| इसके बाद आप जिस किसी के पास जाएंगे वह आपसे सम्मोहित हो जाएगा|

विश्व मोहिनी साधना विधि

इस साधना से व्यक्तित्व में गज़ब का आकर्षण आ जाता है| यहाँ तक कि आपकी बोल-चाल, उठने बैठने की शैली भी सम्मोहक हो जाती है| इस साधना का उपयोग वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए अत्यंत लाभदायक है| स्त्री तथा पुरुष दोनों समान रूप से इस साधना के द्वारा अपने जीवन को संवार सकते हैं|

साधना विधि

देवी योगमाया की प्रतिमा स्थापित कर, उन्हें सुगंधित जल से स्नान कराएं, इत्र तथा चुनरी अर्पित करते हुए प्रतिमा का सोलह श्रंगार करें| प्रसाद में सात प्रकार की मिठाई रखेँ| पूजन हेतु स्वयं लाल वस्त्र धारणकर पूर्व दिशा की और मुख कर बैठें| देवी की प्रतिमा के सम्मुख तिल की ढेरी लगाकर उस पर तिल के तेल का दीपक रख दें| लाल रंग का पुष्प चढ़ाएँ तथा पंचोपचार विधि से पूजन करें| तत्पश्चात स्फटिक की माला पर निम्नलिखित  मंत्र का 9000 हजार जाप का संकल्प लेकर एकादशी से प्रारम्भ करें –

मंत्र दृॐ ह्रीं सर्व चक्र मोहिनी जाग्रय जाग्रय ॐ हुं स्वाहा !!

यह साधना सात दिनों में पूर्ण किया जा सकता है| इसके लिए एक दिन में आपको 16 माला जाप करना होगा| साधना के दौरान ब्रम्हचर्य का पालन करें| साधना के पश्चात श्रंगार सामाग्री किसी कुंवारी कन्या को दान कर दें अथवा कुछ दक्षिणा के साथ मंदिर में अर्पित कर दें| साधना समाप्त होते ही स्त्रियाँ अप्रतिम सौन्दर्य की स्वामिनी बन जाती है तथा पुरुषों में अद्भुत आकर्षण व्याप्त हो जाता है| इसकी सिद्धि से आप समस्त तनाव से मुक्त होकर जीवन की किसी भी समस्या का सामना करने में समर्थ हो जाते हैं|

कलुआ मोहिनी साधना

यह साधना प्रेम में असफल रहे इंसान के लिए अथवा एकतरफा प्रेम करने वाले प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभदायी है|

विधि: रात के समय 21 दिनों तक एकांत कक्ष में एक गोला बनाएँ, तथा निम्नलिखित मंत्र का 10 माला जाप करें –

काला कलुआ काली रात
मैं जगावां आधी रात
सूती को जगाके बैठी को उठाके
मेरे पास ले आना
चले मन्त्र फुरे
देखा कलुआ तेरे मन्त्र का तमाशा।

जाप के समय खोये के पेड़े का प्रसाद चढ़ाएँ तथा किसी भी तेल तेल का दीपक जलाएँ| अगले दिन प्रसाद किसी सुनसान स्थान पर रख दें| जिस व्यक्ति पर इस मंत्र का प्रयोग करना हो उसके चित्र के सम्मुख हर दिन एक इस मंत्र का एक माला जाप करें या जिस दिन मिलना हो 21 बार इसका उच्चारण करने के बाद उससे मिलें|

इस अचूक साधना से इछित प्रेम अवश्य प्राप्त होता है, तथापि दुर्भावना से प्रेरित होकर इसका प्रयोग न करें|